
फतेहपुर निवासी इमामुद्दीन के सऊदी अरब में हिरासत के मामले में भारतीय दूतावास, रियाद को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ: (प्रेस विज्ञप्ति/अबूशहमा अंसारी) ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिज़वी की प्रभावी पैरवी के बाद सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिक इमामुद्दीन के मामले में भारत सरकार का विदेश मंत्रालय सक्रिय हो गया है। मंत्रालय ने शिकायत को MADAD पोर्टल पर दर्ज करते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भारतीय दूतावास, रियाद को भेज दिया है।
सरकारी दस्तावेज़ के अनुसार, जनपद बाराबंकी के कस्बा फतेहपुर के मोहल्ला नालापार दक्षिणी-1 की निवासी सैयदा सिराजुल खातून ने डॉ. अम्मार रिज़वी से मुलाकात कर अपने पुत्र इमामुद्दीन की रिहाई तथा उसकी कुशलक्षेम की जानकारी प्राप्त कराने के लिए सहायता की अपील की थी। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना मुनव्वरा में ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। भारत में तीन माह की छुट्टी बिताने के बाद वह 17 अक्टूबर 2025 को पुनः सऊदी अरब लौट गया और सामान्य रूप से अपनी नौकरी कर रहा था, लेकिन 25 अप्रैल 2026 को परिजनों को सूचना मिली कि इमामुद्दीन को सऊदी अरब की सीआईडी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इसके बाद से परिवार को उसके संबंध में कोई प्रमाणिक जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी, जिससे पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और चिंता में है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अम्मार रिज़वी ने 9 जून 2026 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक विस्तृत पत्र भेजा, जिसमें प्रभावित परिवार की चिंता से अवगत कराते हुए इमामुद्दीन की कुशलक्षेम की जानकारी प्राप्त करने, उसके संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने तथा आवश्यक राजनयिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया।
विदेश मंत्रालय के CPV डिवीजन (MADAD सेक्शन) ने डॉ. अम्मार रिज़वी को भेजे अपने आधिकारिक उत्तर में बताया कि उनका पत्र प्राप्त हो गया है तथा उस पर कार्रवाई करते हुए शिकायत को MADAD पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है। मंत्रालय ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिक इमामुद्दीन के मामले को आवश्यक कार्रवाई हेतु भारतीय दूतावास, रियाद को भेज दिया गया है, ताकि संबंधित सऊदी अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त की जा सके और प्रभावित परिवार को स्थिति से अवगत कराया जा सके।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी स्टेटस रिपोर्ट में इस मामले को “विदेश में हिरासत में भारतीय नागरिक” श्रेणी में रखते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और महत्त्व का पता चलता है।
डॉ. अम्मार रिज़वी ने कहा कि विदेश में किसी भी कठिनाई में फँसे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सहायता करना एक मानवीय और राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब तक इमामुद्दीन के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त नहीं हो जाती और प्रभावित परिवार को संतोष नहीं मिल जाता, तब तक वह इस मामले की लगातार पैरवी करते रहेंगे।
डॉ. अम्मार रिज़वी की इस प्रभावी एवं समयबद्ध पैरवी की विभिन्न सामाजिक और जनसामान्य के बीच सराहना की जा रही है। लोगों ने आशा व्यक्त की है कि विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावास, रियाद की कार्रवाई के परिणामस्वरूप शीघ्र ही इमामुद्दीन के संबंध में सकारात्मक प्रगति होगी और प्रभावित परिवार की लंबे समय से चली आ रही चिंता का अंत होगा।यह जानकारी ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के प्रचार-प्रसार विभाग के सचिव अबूशहमा अंसारी ने दी।


