नई दिल्ली, 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आत्मनिर्भर भारत, योग, पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सामाजिक अभियानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने देशवासियों से एक बार फिर वैश्विक संकट के मद्देनज़र कुछ समय तक सोना खरीदने से बचने, विदेश यात्राएं टालने, कार पूलिंग अपनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील दोहराई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जून महीने में भारत ने रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल हुए आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका डिजाइन और निर्माण पूरी तरह स्वदेशी है। साथ ही उन्होंने बताया कि मेड इन इंडिया C-295 विमान ने अपनी पहली उड़ान पूरी की है और ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण को भी उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
योग दिवस और खेल उपलब्धियों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित हुए। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत द्वारा 114 पदक, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतने पर खिलाड़ियों को बधाई दी।
जनभागीदारी की सराहना
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने लोगों से सोना खरीदने, विदेश यात्रा करने और ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने इन सुझावों को अपनाया है। कई परिवारों ने विवाह में नया सोना खरीदने के बजाय पुराने आभूषणों को पुनः उपयोग करने का निर्णय लिया, जबकि अनेक लोगों ने विदेश यात्राएं स्थगित कर दीं। उन्होंने कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते उपयोग की भी सराहना की।
बीमा योजनाओं की दी जानकारी
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का उल्लेख करते हुए लोगों से इन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बीमा योजना से अब तक 58 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जबकि जीवन ज्योति बीमा योजना से 27 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।
अंधविश्वास के खिलाफ संदेश
मन की बात में प्रधानमंत्री ने असम के दुर्लभ हरगिला पक्षी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वैज्ञानिक सोच और जनजागरूकता के माध्यम से वर्षों पुराने अंधविश्वास को दूर किया गया। उन्होंने जीव-विज्ञानी पूर्णिमा देवी बर्मन और उनकी ‘हरगिला आर्मी’ की सराहना की, जिन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से इस पक्षी के संरक्षण का अभियान सफल बनाया।
खेल, तकनीक और संस्कृति पर भी बोले
प्रधानमंत्री ने नागालैंड की बेबी फुटबॉल लीग और वीमेन फुटसल लीग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ की परंपरा को पुनर्जीवित करने और सेंट्रल संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस में बीटेक कार्यक्रम शुरू करने को भी भारत की प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक के संगम का उदाहरण बताया।
पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों पर जोर
प्रधानमंत्री ने मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज, मध्य प्रदेश के ब्यावरा में महिलाओं द्वारा प्लास्टिक कचरे से इको-ब्रिक्स बनाने की पहल तथा गणेश उत्सव में मिट्टी से बनी स्थानीय मूर्तियों को अपनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आग्रह किया।
जल संरक्षण की अपील
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ‘कैच द रेन’ अभियान को गति देने और वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास ही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।



