🎓 इल्म की शमअ जलाकर हासिल की पीएचडी की सर्वोच्च उपाधि, डॉ. असलम अंसारी ने बढ़ाया बलरामपुर–सिद्धार्थनगर का गौरव
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संवाददाता अब्दुर्रहमान सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर/इटवा। मेहनत, लगन, संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण के दम पर बलरामपुर जिले के रहने वाले डॉ. असलम अंसारी ने अकादमिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मोहल्ला अलीजानपुरवा, थाना नगर कोतवाली, तहसील एवं जिला बलरामपुर निवासी असलम अंसारी पुत्र मकबूल अहमद अंसारी ने अपनी Ph.D. की वाइवा-वॉइस परीक्षा 08 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक डिफेंड की थी। इसके बाद 05 अक्टूबर 2026 को एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह (मध्य प्रदेश) के दीक्षांत समारोह में उन्हें अपनी सर्वोच्च अकादमिक डिग्री प्राप्त करने का गौरव हासिल हुआ।वर्तमान में डॉ. असलम अंसारी सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत तेउवा ग्रांट में प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।अपनी इस उपलब्धि पर डॉ. असलम अंसारी ने विश्वविद्यालय की डीन डॉ. शोभा उपाध्याय एवं अपनी शोध पर्यवेक्षक डॉ. अर्चना पाठक के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस लंबी अकादमिक यात्रा में उनकी मां, पत्नी, दोनों बच्चों, दोस्तों और शुभचिंतकों का सहयोग और दुआएं उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहीं।डॉ. असलम अंसारी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और समर्पण का परिणाम है, बल्कि उन तमाम विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा—“इल्म की शमअ जलाकर ये मुक़ाम पाया है,दोस्तों की दुआओं ने यहाँ तक पहुँचाया है।”दीक्षांत समारोह का यह अवसर डॉ. असलम अंसारी और उनके परिवार के लिए बेहद भावुक एवं अविस्मरणीय पल रहा। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, मित्रों, शुभचिंतकों और परिचितों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


