
बाराबंकी(अबू शहमा अंसारी)महमूदाबाद क्षेत्र की ऐतिहासिक सेमरी कताई मिल के मलबे की नीलामी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री एवं ऑल इंडिया माइनॉरिटीज़ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० अम्मार रिज़वी ने कहा कि यह मिल इस पिछड़े क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है।
डा० रिज़वी ने कहा कि सेमरी कताई मिल से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होता था। इस मिल से जुड़े बुनकरों, सूत कातने वाले श्रमिकों और स्थानीय व्यापारियों को इससे राहत और स्थायित्व मिलता था। मिल की वजह से सेमरी और उसके आसपास का क्षेत्र काफी विकसित हुआ था और यहां की सामाजिक संरचना को मजबूती मिली थी।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार अब इस क्षेत्र में प्लाटिंग की योजना बनाई जा रही है, जिसमें रोजगार के अवसर तो होंगे, लेकिन इनमें अधिकांश लोग बाहर से होंगे। इससे स्थानीय लोगों के हित प्रभावित होने की आशंका है।
डा० अम्मार रिज़वी ने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस क्षेत्र में प्रस्तावित किसी भी योजना में कम से कम 50 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों के लिए सुनिश्चित किया जाए, ताकि यहां के निवासियों को उनका वाजिब हक मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ महमूदाबाद क्षेत्र से कई महत्वपूर्ण योजनाएं समाप्त होती चली गईं। हैचरी, सैटेलाइट स्टेशन, हर्बल फार्म जैसी योजनाएं या तो बंद हो गईं या पूरी तरह शुरू ही नहीं हो सकीं, जिससे क्षेत्र के विकास को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
डा० रिज़वी ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया कि जो योजनाएं पूर्व में महमूदाबाद के लिए स्वीकृत और संचालित की गई थीं, उन्हें पुनः शुरू किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रदेश में औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों के अंतर्गत इस क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि शासन और समाज मिलकर सामूहिक प्रयास करें तो सेमरी और महमूदाबाद क्षेत्र को फिर से विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
यह जानकारी आल इंडिया माइनॉरिटीज़ फ़ोरम फ़ॉर डेमोक्रेसी के शुबा-ए नशर व इशाअत के सेक्रेटरी अबू शहमा अंसारी ने फराहम की।


