ख्वाजा ग़रीब नवाज़ र.अ. ने ज़ुल्म के खिलाफ हमेशा आवाज़ बुलन्द की फ़ितनों और नफरतों का सर कुचलकर मुहब्ब इंसानियत एकता मानवता की एक मिसाल कायम की और हिंदुस्तान के अलावा अन्य देशों तक अपना पैगामे मुहब्बत इनसानियत मानवता हमदर्दी भाईचारा मसावात को आम किया (मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफ़ी)
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कानपुर (मोहम्मद उस्मान कुरैशी) 2 जनवरी आल इंडिया ग़रीब नवाज़ कौन्सिल के तत्वाधान में ग़रीब नवाज़ हफ्ता का पहला जश्ने ग़रीब नवाज़व लंगरे गरीब नवाज़ बमुकाम डबल कालोनी सनिगवां में आयोजित हुआ जिस में उलमा ए किराम ने एकजुट होकर कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स की तारीख 6 रजब मुताबिक़ 7 / जनवरी है जो पुरे मुल्क के लिए यौमे मुहब्बत है मुक्र्रिरीन ने अवाम से अपील की कि 6 रजब यौमे मुहब्बत के तौर पर मनाएं इसलिए कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ के विसाल के बाद आप की पेशानी पर लिखा था कि यह अल्लाह का महबूब है और अल्लाह की मुहब्बत में इन्तिकाल किया है उर्से ग़रीब नवाज़ की तारीख 6 रजब हिन्दुस्तानियों के लिए मुहब्बत दिवस है क्यूंकि ख्वाजा साहब ने ज़ुल्म के खिलाफ हमेशा आवाज़ बुलन्द की और फ़ितनों और नफरतों का सर कुचलकर मुहब्बत,इंसानियत,कौमी एकता,मानवता,की एक मिसाल कायम की और हिंदुस्तान के अलावा अन्य देशों तक अपना पैगामे मुहब्बत,इनसानियत,मानवता,हमदर्दी,भाईचारा,मसावात,को आम किया जिस का नतीजा यह हुआ कि लाखों लाख लोगों ने आप की तरीक़े और रास्ते को अपना लिया | आल इंडिया ग़रीब नवाज़ कौन्सिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष (मौलाना) मो. हाशिम अशरफ़ी इमाम ईदगाह गद्दियाना ने कहा कि मल्टी मीडिया मोबाइल का गलत प्रयोग तमाम बुराइयों की जड़ है माता पिता बच्चों और बच्चियों को बिला ज़रुरत मल्टी मीडिया मोबाइल का प्रयोग करने से सख्ती से रोकें |श्री अशरफी ने कहा कि आज शर पसंद लोग मल्टी मीडिया मोबाइल के जरिये सोशल मीडिया पर हिन्दू मुस्लिम फसादात को हवा देते हैं अफवाहें फैलाते हैं धार्मिक गुरुओं का अपमान करते हैं गोया हर तरह से बे लगाम हो जाते हैं जिस की वजह से समाज बिगड़ जाता है नफरत का माहौल बन जाता है लिहाज़ा बिला ज़रुरत मल्टी मीडिया मोबाइल का गलत प्रयोग करके नफरतें न फैलाएं बल्कि ख्वाजा साहब के पैगामे मुहब्बत को आम करके अपने वतन को मिसाली देश बना दें बड़े पैमाने पर लोगों को बिठा कर लंगर खिलाया गया |इस से पूर्व जश्न की शुरूआत कुरान ए पाक से हाफिज मोहम्मद अरशद अली अशरफी इमाम मस्जिद हसन हुसैन ने किया हाजी सय्यद खुरशीद आलम,करो फैलल अलीमी,युसूफ रज़ा कानपुरी ने हम्द व नात व मन्क़बत पेश किये प्रमुख रूप से हाजी वसी अहमद, इंजीनियर अब्दुर रहमान, इदरीश खान,हाजी एहसान खान,हाफिज मिन्हाजुद्दीन क़ादरी,हाजी हैदर अली,आरिफ खान,शकील खान,अंसार खान,गुड्डू भाई,हयात खान,ताजुद्दीन,अशफ़ाक़,हाजी सफदर अली,दिलदार गाज़ी,हाफिज फरहान ,जावेद,कलीम,सलमान,अतीक,इमामुद्दीन उर्फ पप्पू, मुफीस अहमद,सुफियान आदि उपस्तिथ रहे



