कानपुर: मोहम्मद उस्मान कुरैशी। विश्व ऑटिज्म जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को बाल रोग अकादमी, कानपुर की ओर से कैंट स्थित प्रेरणा स्पेशल स्कूल में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के साथ एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय रहा “कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर”।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शिखा अग्रवाल के स्वागत संबोधन से हुई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस मौके पर अकादमी के अध्यक्ष डॉ. जे. के. गुप्ता, सचिव डॉ. शैलेन्द्र गौतम और समाजसेवी अजय खन्ना समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत बच्चों ने फोटोकॉपी करना, मोमबत्ती और धूपबत्ती बनाना, लिफाफे तैयार करना, बागवानी करना तथा चाय-कॉफी बनाना जैसी गतिविधियाँ प्रस्तुत कीं।
इसके अलावा बच्चों ने गीत गाकर और वाद्य यंत्र बजाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर डॉ. जे. के. गुप्ता ने कहा कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है, जिसकी समय पर पहचान और प्रारंभिक हस्तक्षेप बेहद जरूरी है। उन्होंने कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बच्चों के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन से ये बच्चे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की क्षमताओं को पहचानें, उन्हें निरंतर प्रोत्साहित करें और विशेषज्ञों की मदद से उचित प्रशिक्षण दिलाएं।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को सहानुभूति नहीं, बल्कि अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग की जरूरत है, ताकि वे अपनी क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ सकें।“हर बच्चे में एक विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत है उसे पहचानने और निखारने की।”



