कानपूर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। भारतीय शिशु अकादमी (IAP) कानपुर शाखा द्वारा आज जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज, कानपुर में विश्व ड्युचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) जागरूकता दिवस मनाया गया। यह दिवस एक दुर्लभ, आनुवंशिक एवं प्रगतिशील मांसपेशी क्षय रोग ड्युचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। यह रोग मुख्यतः बालकों को प्रभावित करता है और प्रायः बचपन में ही प्रारंभ हो जाता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में इस बीमारी के प्रति समझ विकसित करना, शीघ्र निदान को प्रोत्साहित करना, समग्र देखभाल तक पहुँच को सुदृढ़ करना, निरंतर अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों के लिए समावेशी सहयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
डॉ. वाई. के. राव ने अपने संबोधन में बताया कि ड्युचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के प्रारंभिक लक्षणों की समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक है, ताकि बच्चों को शीघ्र और उचित चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराई जा सके।
कार्यक्रम में IAP कानपुर शाखा सचिव डॉ. अमितेश यादव, कोषाध्यक्ष डॉ. निधिका पांडेय, डॉ. देविना, डॉ. नेहा सहित कुल 56 चिकित्सक उपस्थित रहे। इस अवसर पर अभिभावकों और विद्यार्थियों को इस बीमारी के आनुवंशिक कारणों, प्रारंभिक लक्षणों, निदान एवं उपचार की नवीनतम जानकारियाँ प्रदान की गईं।
सभी उपस्थित सदस्यों ने इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया ताकि प्रभावित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, समय पर सहायता और गुणवत्तापूर्ण जीवन प्राप्त हो सके।



