डुमरियागंज में AIMIM ने बांटे गुलाब और कलम, भाईचारे का दिया संदेश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इटवा विधानसभा वार्ड संख्या 12 से ज़िला पंचायत सदस्य प्रत्याशी हिदायतुल्लाह शम्सी ने की शिरकत
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज। हाल के दिनों में देश और प्रदेश में सामने आई उकसावे व नफ़रत फैलाने वाली घटनाओं के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सिद्धार्थनगर इकाई ने एक संतुलित, शालीन और सकारात्मक पहल करते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। गाज़ियाबाद में बजरंग दल के कुछ सदस्यों द्वारा तलवार वितरण तथा डुमरियागंज में भाजपा के पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह के विवादित बयान के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल के बीच AIMIM ने नफ़रत के जवाब में मोहब्बत और शिक्षा का रास्ता अपनाया।
आज दिनांक 09 जनवरी 2026 को AIMIM सिद्धार्थनगर की टीम ने जिला अध्यक्ष निशात अली के नेतृत्व में डुमरियागंज चौराहे पर गुलाब और कलम का वितरण किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शांति, आपसी भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक भारत में हिंसा, हथियार और नफरत की कोई जगह नहीं है, बल्कि संवाद, शिक्षा और सद्भाव ही समाज को आगे ले जाने का माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा या प्रतीकात्मक हिंसा सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है। ऐसे समय में AIMIM का यह प्रयास यह दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सामाजिक सौहार्द सर्वोपरि होना चाहिए। गुलाब प्रेम और शांति का, जबकि कलम शिक्षा और भविष्य निर्माण का प्रतीक है।
राजनीतिक दृष्टि से भी AIMIM को सिद्धार्थनगर में नई मजबूती मिलती दिख रही है। पीस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अरबाब के AIMIM में शामिल होने के बाद पार्टी संगठन में स्पष्ट रूप से नई ऊर्जा, सक्रियता और जनसंपर्क में तेज़ी आई है। इसका असर यह है कि पूरे जनपद में AIMIM की गतिविधियां बढ़ी हैं और विरोधी दलों के राजनीतिक खेमों में भी हलचल महसूस की जा रही है।
इस अवसर पर हिदायतुल्लाह शम्सी, नईम अख्तर अंसारी, यूथ जिला अध्यक्ष मेराज उल हक चौधरी, शम्स तबरेज खान, अब्दुल रहमान, आफताब अहमद, अनवर खान, शकील खान, इम्तियाज़ अली, ज़ुनैद सिद्दीकी, अरमान अली, महबूब खान, अज़ीज़ अहमद, इजहार उल हक खान सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
AIMIM की यह पहल यह स्पष्ट संदेश देती है कि राजनीति का उद्देश्य समाज को बांटना नहीं, बल्कि जोड़ना होना चाहिए।



