
दो दिवसीय अंतर-महाविद्यालयी प्रतियोगिताओं का आयोजन
लखनऊ,(अबू शहमा अंसारी): मुम्ताज पीजी कॉलेज में ‘स्टूडेंट्स लिटरेरी एंड वेलफेयर सोसाइटी’ के तत्वावधान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अंतर-महाविद्यालयी स्तर पर आयोजित इन विभिन्न प्रतिस्पर्धी कार्यक्रमों में छात्रों के बीच रंगोली, मेहंदी, त्वरित भाषण (Extempore), बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, गजल और बैत-बाज़ी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इन प्रतियोगिताओं में मुम्ताज कॉलेज के साथ-साथ शिया पीजी कॉलेज, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (लखनऊ कैंपस), करामत हुसैन मुस्लिम पीजी कॉलेज, नवयुग कन्या महाविद्यालय, खुन-खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस कॉलेज और इरम डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाने वाले प्रमुख व्यक्तित्व में रंगोली प्रतियोगिता में डॉ. रजिया परवीन (नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज), भाषण प्रतियोगिता में डॉ. मोहम्मद तनवीर (कालीचरण पीजी कॉलेज)
मेहंदी प्रतियोगिता में डॉ. नुजहत फातिमा (करामत हुसैन पीजी कॉलेज), गजल/गीत प्रतियोगिता में प्रसिद्ध कवि फारूक आदिल और शिक्षाविद् सैयद राज असकरी, बैत-बाज़ी में डॉ. अब्दुल कुदूस हाशमी (चेयरमैन, मौलाना आजाद मेमोरियल एकेडमी) और डॉ. गुलशन मसर्रत (कैरियर कॉन्वेंट पीजी कॉलेज)
रहे । इससे पूर्व, कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुमताज कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर नसीम अहमद खान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का एकमात्र रास्ता यह है कि हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एकाग्रता के साथ-साथ धैर्य से काम लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों को अपनी मंजिल पाने के लिए पूरी ईमानदारी बरतनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि छात्र जीवन वह समय है जब हम करियर निर्माण के ऐसे मोड़ पर खड़े होते हैं, जहाँ लिए गए निर्णय हमारे पूरे जीवन का लक्ष्य निर्धारित करते हैं ।
अंत में, स्टूडेंट्स लिटरेरी एंड वेलफेयर सोसाइटी की प्रभारी डॉ. उमा पांडेय ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को आगामी वार्षिक समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।


