कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी। 17अप्रैल, 2025 को भारतीय बाल रोग अकादमी की कानपुर शाखा द्वारा नियोनेटल वेंटिलेशन पर एक कार्यशाला का आयोजन पी एम एस एस वाई बिल्डिंग हैलेट में हुआ। जिसमे विभिन्न राज्यों से आए बाल रोग डॉक्टर ने भाग लिया जिनकी संख्या लगभग 75 थी। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर यशवंत राव , डॉक्टर सुनील तनेजा व डॉक्टर अम्बरीष गुप्ता ने किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नियोनेटल वेंटिलेशन कार्यशाला में देहरादून से आए प्रोफेसर अशोक कुमार देवरारी ने बताया कि नवजात शिशु को वेंटीलेटर पर रखा जाता है ताकि उसे सॉस लेने में मदद मिल सके वेंटीलेटर की मदद से शिशु के फेफड़ों में ऑक्सीजन पहुंचाई जाती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकाली जाती है।
उन्होंने बताया कि समय से पहले पैदा हुए शिशु, दिल या फेफड़ो की बीमारी वाले शिशु , आर डी एस से ग्रस्त शिशु को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती हैं।चंडीगढ़ से प्रोफेसर प्रवीन कुमार, हैदराबाद से डॉ श्रीनिवास मुरकी, न्यू दिल्ली से डॉ जीवा शंकर, चेन्नई से डॉ मंगला भारतीय, चंडीगढ़ से डॉ जोगेंदर, लखनऊ से डॉ माला, डॉ कीर्ति, डॉ एस एन सिंह ने कार्यशाला में अपने व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर संजय काला प्रिंसिपल जी एस वी एम मेडिकल कॉलेज, डॉ रिचा गिरी, डॉ मनीष सिंह दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम में बाल रोग एच ओ डी डॉ अरुण आर्या व डॉक्टर शैलेन्द्र गौतम सचिव डॉ अमितेश यादव मुख्य अतिथि के रूप मे मौजूद रहे। विभिन्न तकनीक स्किल के माध्यम से नई जानकारी दी गई।



