अनूपगंज में जलसा-ए-सीरतुल मुस्तफ़ा का शानदार आयोजन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाराबंकी (अबू शहमा अंसारी)मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम अनूपगंज, सआदतगंज में जलसा-ए-सीरतुल मुस्तफ़ा के तत्वावधान में सीरत-ए-रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शीर्षक से एक भव्य रात्रि जलसे का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उलेमा-ए-किराम, तलबा और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी नदीम-उल-हक़ की तिलावत-ए-कुरआन से हुई। इसके बाद उमर अब्दुल्लाह क़ासमी ने नात-ए-रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पेश कर महफ़िल को रूहानी रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी सेठ मुहम्मद इरफ़ान अंसारी ने की, सरपरस्ती हाफ़िज़ मुहम्मद इस्लाम ने निभाई, जबकि संचालन व प्रबंधन का दायित्व मौलाना मुहम्मद अख़्तर नदवी ने संभाला। स्वागत भाषण मुफ्ती मुहम्मद आरिफ़ ने दिया।
मुख्य अतिथि मौलाना शिब्ली साहब ने अपने प्रभावशाली ख़िताब में कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज़िंदगी तमाम इंसानियत के लिए रहमत और सर्वोत्तम आदर्श है।
उन्होंने कहा कि नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इंसाफ़, समानता, करुणा और अमन का पैग़ाम दिया, जिसे अपनाकर ही इंसान दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हो सकता है।
उन्होंने नौजवानों को नसीहत की कि वे सोशल मीडिया और बेकार मशगूलियतों से दूर रहकर इल्म, अख़लाक़ और किरदार निर्माण पर ध्यान दें ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आए।
अंत में मुफ्ती मुहम्मद आरिफ़ ने मुल्क में अमन-ओ-सलामती, भाईचारे, उम्मत-ए-मुस्लिमा की एकता और तरक़्क़ी के लिए दुआ कराई।
इस मौके पर मौलाना मुहम्मद अकील नदवी, मौलाना मुहम्मद जुनैद क़ासमी, मौलाना जियाउद्दीन क़ासमी, मुहम्मद इरशाद (प्रधान अनूपगंज), हाजी मुहम्मद असरार अंसारी (पूर्व प्रधान), मौलाना मुहम्मद फ़रमान मजाहिरी, मौलाना मुहम्मद अख़्तर क़ासमी, डॉ. मुहम्मद रिज़वान, डॉ. मुहम्मद ज़हीर पप्पू, हाफ़िज़ अब्दुस्सलाम, मुहम्मद शुऐब (चप्पल वाले), मास्टर पप्पू, मुहम्मद इमरान, मुहम्मद खालिद और जाकिर अली उर्फ़ क़ादरी (पूर्व प्रधान) समेत अनेक सम्मानित व्यक्तित्व मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक मास्टर मुहम्मद इफ्तिख़ार ने सभी उलेमा, अतिथियों और सहयोगियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में मोहब्बत, अमन और इंसानियत का पैग़ाम देते हैं।



