संवाददाता अब्दुर्रहमान
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
35वां उर्स अकीदत व धार्मिक जोश के साथ संपन्न, अमन-चैन की दुआओं के साथ हुआ समापन

सिद्धार्थनगर जनपद के खुनियांव विकास खंड अंतर्गत स्थित मदरसा गौसिया फैजुल उलूम, बढ़या परिसर में बुधवार देर रात तक बदरे मिल्लत उर्फ मौलाना बदरुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के 35वें उर्स के अवसर पर अकीदतमंदों का भारी जनसैलाब उमड़ा। इस पावन अवसर पर क्षेत्र सहित दूर-दराज जनपदों से बड़ी संख्या में जायरीन शरीक हुए और मजार शरीफ पर पहुंचकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिलाबुधवार को रोजा इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज़ अदा की गई। इसके उपरांत मजार शरीफ पर कुल (फातिहा) पढ़ा गया। गांव से मजार शरीफ तक अकीदतमंदों द्वारा भव्य चादर यात्रा निकाली गई। “नारे-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर” और “नारे-ए-रिसालत” की गगनभेदी सदाओं से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा।ईशा की नमाज़ के पश्चात रात्रि लगभग 9:00 बजे तकरीरी जलसे का आगाज़ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कारी इश्तियाक अहमद द्वारा तिलावत-ए-कलाम पाक से की गई। इसके बाद हाफिज नेमत अरमान रजा ने नात शरीफ एवं मनकबत पेश कर उपस्थित अकीदतमंदों के दिलों को रूहानी सुकून से भर दिया।

मुख्य अतिथि का संबोधनकार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरांव दरगाह शरीफ के सज्जादा नशीन मौलाना गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी ने अपने संबोधन में स्वर्गीय मौलाना बदरुद्दीन की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मौलाना बदरुद्दीन इस अति पिछड़े क्षेत्र के लिए एक रोल मॉडल और बेहतरीन शख्सियत थे। उनकी लेखनी में अद्भुत प्रभाव था और उन्होंने मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अनेक महत्वपूर्ण किताबें लिखीं।उन्होंने कहा कि मौलाना बदरुद्दीन ने हमेशा लोगों को सही रास्ता दिखाया और मोहब्बत, अखलाक, भाईचारे तथा अधिक से अधिक तालीम हासिल करने का संदेश दिया। आज भी उन्हें क्षेत्र में बड़े सम्मान के साथ याद किया जाता है। अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्य अतिथि ने देश में अमन-चैन, सुख-शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की।अन्य वक्ताओं के विचारइसी क्रम में मौलाना जमालुद्दीन सहित अन्य ओलमाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और मौलाना बदरुद्दीन की दीन-सेवा को याद किया।आयोजन व व्यवस्थाएंकार्यक्रम का समापन आयोजक सज्जादा नशीन आस्ताना मौलाना नूरानी शाह बदरी ने उपस्थित सभी जायरीनों, मेहमानों एवं क्षेत्रवासियों का आभार प्रकट करते हुए किया। उन्होंने देश और दुनिया में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी।उर्स के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दर्जनों वालंटियर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे ताकि जायरीनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बाहर से आए श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने तथा सुबह सेहरी का विशेष प्रबंध किया गया था।गणमान्य लोगों की उपस्थितिइस अवसर पर मौलाना मुईनुद्दीन, मौलाना जमालुद्दीन, मौलाना करामत, जमाल अहमद, हाजी गुलाम मुस्तफा, रब्बानी, सपा नेता कमरुज्जमा खां, अबरार चौधरी, अब्दुर्रहमान, इसरार अहमद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय एवं दूर-दराज से आए जायरीन मौजूद रहे।35वां उर्स धार्मिक सौहार्द, भाईचारे और रूहानी माहौल के साथ सकुशल संपन्न हुआ, जिसने क्षेत्र में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक संदेश प्रसारित


