कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी । माननीय विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी की प्रेरणा से कानपुर नगर में एक विशाल पुस्तक मेले का आयोजन दिनांक 13 नवम्बर से राजकीय इंटर कॉलेज के सहयोग से जीआईसी ग्राउंड, चुन्नीगंज में किया जा रहा है ,” विजन 2047″ विकसित भारत, विकसित प्रदेश’ थीम को समर्पित यह भव्य आयोजन 23 नवंबर 2025 तक चलेगा।
पुस्तक मेले के निदेशक आकर्ष चंदेल ने प्रेस वार्ता में बताया कि कानपुर पुस्तक मेला के भव्य आयोजन में देश के विभिन्न नगरों से प्रतिष्ठित प्रकाशकों, वितरकों साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं के 80 से अधिक स्टॉलों में हजारों पुस्तकों की विविध श्रृंखला में हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, शैक्षणिक पुस्तकें, बाल साहित्य पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध रहेगा , पुस्तक मेले का उद्घाटन माननीय सतीश महाना जी द्वारा दिनांक 13 नवम्बर को सायं 5:00 बजे किया जाएगा। निशुल्क प्रवेश के साथ, साहित्य कला संस्कृति को समर्पित साहित्यिक मंच पर प्रतिदिन पुस्तक विमोचन, लेखक से मिलिए, गोष्ठी, कवि सम्मेलन, युवाओं बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के लिए अन्य कई आयोजन भी होंगे।
संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि फोर्सवन बुक्स द्वारा पिछले 22 वर्षों से लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा में भी कई पुस्तक मेलों का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया है। सन् 2003 से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेला देश के सर्वाधिक लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित पुस्तक मेलों में शामिल है। पुस्तकों के प्रति कम हो रही रुचि को बढ़ावा देने, ज्ञान के प्रकाश को जन-जन तक पहुँचाने एवं पुस्तक संस्कृति को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले पुस्तक मेले में कानपुर महानगर व आस-पास के हज़ारों पुस्तक प्रेमी, छात्र छात्र छात्राएँ, बच्चे साहित्यकार, नागरिकों को अपनी रुचि की पुस्तकों को देखते व ख़रीदने का अवसर प्राप्त होगा।
जीआईसी के प्रधानाचार्य श्री संजय कुमार यादव ने बताया की यह केवल पुस्तक मेला नहीं, ज्ञान और संस्कृति का उत्सव है। हम हर प्रकार के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए विविध प्रकाशनों को एकत्र कर रहे हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस समृद्ध अनुभव का हिस्सा बनें।” मेले के लेखक सत्र और पैनल चर्चा में प्रख्यात और नवोदित लेखकों के साथ विचार-विमर्श होगा। साहित्यिक कार्यक्रमों में पारंपरिक कवि सम्मेलन, मुशायरा और पुस्तकों के विमोचन के साथ बच्चों का कोना बाल पाठकों के लिये कहानी सत्र और प्रतियोगिताएँ होंगी।
रोज सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक जारी इस मेले में खरीदी गई हर पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। एक विशेष कोना युवाओं के लिए भी होगा। बीस हज़ार स्क्वायर फिट वाटर प्रूफ जर्मन हेंगर पंडाल में स्टाल होंगे। मुख्य प्रकाशक और भागीदार के तौर पर राजकमल प्रकाशन, राजपाल एंड संस, गीता प्रेस, लोकभारती प्रकाशन, सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन, हिन्द युग्म, सम्यक प्रकाशन, प्रकाशन विभाग सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स, नेशनल काउंसिल्स फॉर प्रमोशन ऑफ़ उर्दू लैंग्वेज, निखिल पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स, दिव्यांश पब्लिकेशंस लखनऊ, दिनकर पुस्तकालय, भागलपुर, संविधान प्रचार समिति, बोधरस प्रकाशन, वेदिका बुक मार्ट, पद्म बुक कंपनी दिल्ली, रितेश बुक एजेंसी नई दिल्ली, यूनिवर्सल बुक स्टोर दिल्ली, त्रिदेव बुक्स कलेक्शंस नई दिल्ली, देव बुक कलेक्शन, योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इंडिया रांची, आदित्रि बुक सेंटर, नमन प्रकाशन, इरा पब्लिशर्स, एक्यूप्रेशर हेल्थ केयर सिस्टम्स, एच जूट बैग कोलकता व अन्य स्थानीय लेखकों के लिए मेले में एक विशेष निःशुल्क स्टाल रहेगा जहाँ कोई भी साहित्यकार अपनी पुस्तकें को रख सकेंगे।
कानपुर मेट्रो से पुस्तक मेले में आने वाले सभी पुस्तक प्रेमियों को विशेष छूट के साथ-साथ लकी ड्रॉ में उपहार प्राप्त करने का मौका मिलेगा, आयोजकों ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने सम्मानित समाचार पत्रों एवं चैनलों के माध्यम से पुस्तक मेले के बारे में विस्तार से जानकारी दें। पुस्तक मेले में विशेष रूप से कानपुर मेट्रो, ओरिजिंस, विजय स्टूडियो, किरन फाउंडेशन एवं सिटी एसेंस – ट्रेड मित्र पत्रिका का सहयोग मिल रहा है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री एवं डा. मनीष शुक्ला ने सभी मीडिया से सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी कानपुर में विश्वविख्यात आईआईटी व अन्य कई विश्वविद्यालय, संस्थान है। पिछले दशकों में शिक्षा के कई बड़े संस्थान, विश्वविद्यालय शुरू हुए हैं। पुस्तक मेले के आयोजन से सभी को एक ही स्थान पर बेस्ट सेलर्स बुक्स प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।



