बाराबंकी (अबू शहमा अंसारी)कस्बा फतेहपुर में हज़रत मखदूम शेख़ हिसामुद्दीन रह० के उर्स के अवसर 03 नवम्बर 2025 को मेला कमेटी द्वारा मेला पंडाल में एक आल इंडिया मुशायरा व पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुशायरे में मुख्य अतिथि पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री अम्मार रिज़वी ने शिरकत की।मुशायरे की सदारत राष्ट्रीय सहारा ब्यूरो चीफ हशमतुल्लाह ने की। निज़ामत नदीम फ़र्रूख ने की। मेला कमेटी अध्यक्ष मो०मशकूर ने मेहमाने खुसूसी और पत्रकारों को मूमेंटो देकर सम्मानित किया। पत्रकार इरफ़ान मंसूरी, विजय राम जायसवाल, रिज़वान मुनीर, नीरज शर्मा,अजमत राईन,हयातुर्रहमान, सय्यद खालिद महमूद, चांद मंसूरी, इश्तियाक कुरैशी, मुईद सिद्दीकी, फैसल सिद्दीकी,मो ०अबरार आदि को मेला कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। मुशायरे की शुरुआत कस्बा फतेहपुर के नौजवान शायर हस्सान साहिर ने की
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ताहिर फ़राज़ ने पढ़ा।।
बहुत अदब से मुरव्वत से चाहतों से मिले।। मुनाफिकों की तरह हम मुनाफिको से मिले।।
दानिश गजल ने पढ़ा।।
मुझे मरना, है एक जालिम के हाथों,
कहानी में यही किरदार हूँ मैं।।
शबीना अदीब ने पढ़ा।।
अपना गम इस तरह थोडा कम कीजिये।। दूसरों के लिये आँख नम कीजिये।।
शबाना शबनम ने पढ़ा।।
उनसे नजर मिलाये कई रोज़ हो गये।।
पैग्राम उनका आये कई रोज़ हो गये।।
उस्मान मिनाई ने कहा।। तुम्हारी लाठियां जादू से सांप बनती हैं।।
हम अपनी लाठी से अजगर निकाल लेते हैं।।
नदीम फ़र्रूख ने कहा।।
वक्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो।। वक्त इंसान को नीलाम भी कर देता है।।
अज्म शाकिरी ने कहा।।उन्हीं से पूछिये तफसीले उसअते सहरा।।
जो लोग इश्क में दुनिया लुटाये बैठे हैं।।
जहाज़ देवबंदी ने पढ़ा।।
वो था कि मेरी बीवी को ले कर हुआ फरार।।
मैं दोस्तों को शेर सुनाने में रह गया।।
हाशिम फिरोजाबादी ने पढ़ा।।
दर्द तन्हाईयों के होते हैं।। साथ रह कर भी हम अकेले हैं।।इसके अलावा सरफ नानपासी, खुर्शीद हैवर, वसीय रामपूरी, अली बाराबंकवी, फैज लोकेश त्रिपाठी, ओम शर्मा ओम, हस्सान साहिर फतेहपुरी, मकसूद पयामी, ने अपना कलाम पेश किया। कमेटी की तरफ से मेला कमेटी के उपाध्यक्ष चौधरी वकार, राहत अली, ज्वाइन सेक्रेटरी नसीम गुड्डू,ने आए हुए सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तालिब नजीब कोकब, फ़राजउद्दीन क़िदवाई, क़ासिम राजा, शहूर वकील, हुमायूं नईम ,डॉ जमालुद्दीन,मो० मियां क़िदवई,सय्यद अली महमूद, हाजी मन्नान, क़ाज़ी नजीब अहमद, मो० आसिफ, सय्यद आरिफ महमूद, जावेद यूसुफ, शहीन शेख, जफरुल इस्लाम पप्पू, अबूजर सनम,नसरे आलम, पप्पू अक़ीक, रेहान कुरैशी,खुर्शीद जमाल,असद अब्बासी,फुजैल अहमद,अतीक इदरीसी,मास्टर इमरान,मुनीर हैदर, कलीम खान, फैसल खान, इरफान मुंशी, रेहान खान, रईस ,आदि लोग उपस्थित रहे।



