कानपुर। मोहम्मद उस्मान कुरैशी
कानपुर के गद्दियाना स्थित मदरसा जामिया अशरफुल मदारिस में ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल के तत्वावधान में वार्षिक बैठक एवं जश्ने गरीब नवाज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलमा, इमाम, समाजसेवी और जिम्मेदार पदाधिकारी मौजूद रहे।
मौलाना हाशिम अशरफी ने बताया कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी “गरीब नवाज सप्ताह” पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर जश्ने गरीब नवाज के नाम से कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें ख्वाजा गरीब नवाज की शिक्षाओं मोहब्बत, सब्र, मानवता, अहिंसा, भाईचारा और उच्च नैतिकता का प्रचार किया जाएगा। साथ ही लंगर का आयोजन, मरीजों को फल वितरण और जनहित से जुड़े कार्यक्रम भी किए जाएंगे। कार्यक्रमों की पूरी जानकारी शीघ्र एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी जाएगी। गरीब नवाज सप्ताह का शुभारंभ 19 दिसंबर से किया जाएगा।
इस मौके पर मौलाना मोहम्मद हाशिम अशरफी ने आतंकवाद और दहशतगर्दी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, “कोई भी आतंकवादी इस्लाम का वफादार हरगिज़ नहीं हो सकता। इस्लाम और सूफिया-ए-किराम ने हमेशा हर तरह की हिंसा और आतंकवाद का बहिष्कार किया है।” उन्होंने कहा कि आज भी हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी के लिए आस्था का केंद्र है, जहां लोग बिना भेदभाव अमन और शांति के लिए दुआ करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज को हिंदुस्तान की विलायत पैगम्बर-ए-इस्लाम की बारगाह से अता हुई है और आप शहंशाह-ए-हिंदुस्तान हैं। आपकी रूहानियत ने समाज में मोहब्बत और भाईचारे को जन्म दिया। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही नफरत की आंधियों को शांत किया जा सकता है।
महफिल में मौजूद उलमा-ए-किराम और समाज के बुद्धिजीवियों ने एकजुट होकर बढ़ते वायु प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदूषण खौफनाक रूप ले चुका है, जिससे लाखों लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है और जानवरों का जीवन भी इससे प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण के कारण हवा और पानी जहरीले होते जा रहे हैं, जिससे सांस, फेफड़ों, दिल और आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने फैक्ट्रियों और वाहनों से निकलने वाले धुएं के साथ-साथ आतिशबाजी, प्लास्टिक, टायर और कूड़ा जलाने को भी प्रदूषण की बड़ी वजह बताया और लोगों से ऐसे कार्यों से बचने की अपील की। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया कि शादियां सादगी के साथ, कम खर्च और सरल तरीके से की जाएं।
अवसर पर प्रमुख रूप से हाजी सय्यद खुर्शीद आलम,जमील खैराबादी , हाजी वसीम खान,हाफिज अब्दुर्रहीम बहराइची,मुफ्ती कासिम मिस्बाही,अब्दुल करीम,शहज़ाद अहमद,मास्टर शहाबुद्दीन,दिलशाद कानपुरी, मौलाना ज़ाहिर अहमद, हाफिज बहारुद्दीन अशरफी मो.वासिफ अशरफी,हाजी अरबी हसन,ताजुद्दीन, सुब्बा अली,वासिफ अशरफी,मो. शारिक,मेराज वारसी, फ़ैज़ी खान,लाल मोहम्मद, हाजी अरबी हसन,हाजी सईद फफखरूद्दीन बाबू,अकील हसन बव्वन,हाफिज बहारुद्दीन अशरफी आदि उपस्थित रहे।



